गोंडा। सरयू नदी के जलस्तर में रविवार को भी पांच सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। नदी शनिवार को खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर नीचे थी, जो अब पांच सेमी. जलस्तर के बढ़ने से 33 सेंटीमीटर खतरे के निशान से दूर है। वहीं तटवर्ती गांवों में कटान हो रही है। पशुओं के लिए चारे का संकट है। नदी की स्थिति को देखकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार व जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
रविवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बाढ़ के स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। एडीएम व आपदा विशेषज्ञ तहसील तरबगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम ढेमवा घाट, दत्तनगर सहित कई अन्य गांवों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांव में जाकर ग्रामीणों से बाढ़ के संबंध में जानकारी ली। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थापित बाढ़ चौकियों एवं अन्य सभी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी करते हुए ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव हेतु हर संभव सभी प्रकार की मदद करने का आश्वासन दिया।
एडीएम ने कहा कि प्रशासन हर समय बाढ़ से निपटने के लिए आपके साथ तैयार है, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत सामग्री, तथा गांवों में दवा छिड़काव सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी की। करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम बहुवन मदार मांझा में कृषि भूमि कटान से प्रभावित हुए अब तक 40 किसानों को राहत धनराशि दी गई है, शेष 54 किसानों को राहत धनराशि देने की प्रकिया देने की तैयारी में अधिकारी जुटे हैं। फिलहाल अभी खतरे के निशान से नदी दूर है, कटान की समस्या है।