गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के वार्डों में बिना पास दिखाए मरीजों के तीमारदार या परिचित प्रवेश नहीं पा सकेंगे। एक समय में सिर्फ एक ही तीमारदार वार्ड के अंदर रह सकता है। उसके बाहर आने के बाद ही दूसरे तीमारदार को प्रवेश दिया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वार्डों में इंफेक्शन की आशंका कम होने के साथ गंदगी पर भी अंकुश लगेग।
अस्पताल के वार्डों में अब तक बिना रोक-टोक कोई भी किसी भी समय आ-जा सकता था। वहीं, लोग मरीजों के पास घंटों बैठे रहते थे। इससे वार्डों के स्टाफ का भी कामकाज प्रभावित होता था। स्टाफ को तीमारदारों को वार्ड से बाहर निकालना पड़ता था। देर रात तक वार्डों में लोगों का जमावड़ा लगा होता था। अस्पताल में स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी कई बार सवाल खड़े हुए हैं। वहीं वार्ड में गंदगी और इंफेक्शन की आशंका भी बढ़ जाती थी।
ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने यहां के वार्डों में विजिटर पास पॉलिसी लागू की है। वार्डों के बाहर गार्डों को सक्रियता से ड्यूटी देने का निर्देश दिया गया है। हॉस्पिटल प्रबंधक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि मरीज के भर्ती होने के समय एक विजिटर पास तीमारदार को दिया जाएगा।
यदि कोई दूसरा व्यक्ति अंदर आना चाहता है तो पहले तीमारदार को वार्ड के बाहर जाकर अपना पास देना होगा। एक समय में सिर्फ एक ही व्यक्ति वार्ड के भीतर रह सकता है। विजिटर पॉलिसी से अस्पताल की व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल पाएगी, साथ ही वार्डों में बेवजह अधिक भीड़ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम. डब्ल्यू खान ने बताया कि वार्डों में आए दिन बेवजह लोगों की भीड़ देखने को मिलती थी। इस वजह से मरीज और स्वास्थ्य कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विजिटर पॉलिसी लागू कर दी गई है।