गोंडा। शहर से चंद कदम की दूरी पर बसे पथवलिया गांव के लोगों को दशकों बाद भी एक रास्ता नसीब नहीं हुआ। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को आमरण अनशन किया। कहा कि रास्ता न होने से बारिश के दिनों में न तो बच्चे स्कूल जा पाते हैं और न ही बीमारों के लिए एंबुलेंस आ पाती है। गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी होती है। गंभीर मरीजों को चारपाई पर लादकर लोग रेलवे लाइन पार करते हैं। जिससे उनकी जान पर खतरा बन जाता है। इस ज्वलंत समस्या की ओर किसी भी जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया। कई साल से लोग विभिन्न माध्यमों से सड़क की मांग करते आ रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं हुई तो कलेक्ट्रट में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
अनशन पर बैठे पवन कुमार दूबे, सुरेश दूबे, राजेश कुमार, सोनू, मनीष, रामबहादुर, इंद्रकुमार दूबे, रामेसुर, रविंदे, शेषराम कश्यप आदि का कहना है कि इस रास्ते से कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। दस हजार लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं। रेलवे के अंडरपास में पानी भरने से बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। अधिकारी व जनप्रतिनिधि कोरा आश्वासन देते हैं। ग्रामीणों ने इस बार आरपार की चेतावनी दी है। कहा कि रास्ते की मांग पूरी नहीं की गई तो धरना प्रदर्शन करेंगे।