नगर पालिका सभागार में कार्यभार ग्रहण करतीं चेयरमैन उजमा राशिद। स्रोत: सोशल मीडिया
शत्रु संपत्ति पर कब्जा मामले में पांच अप्रैल को गिरफ्तार हुईं थी चेयरमैन
18 अप्रैल को अधिकार हुआ था सीज, नगर मजिस्ट्रेट बने थे प्रशासक
प्रमुख सचिव के आदेश पर बहाल हुआ अधिकार, शत्रु संपत्ति की हो रही है जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। नगर पालिका परिषद गोंडा की अध्यक्ष उजमा राशिद ने बुधवार को शासन से सीज अधिकार बहाल होने के बाद कार्यभार ग्रहण कर लिया। शत्रु संपत्ति कब्जाने के मामले में 16 मार्च को उनके विरूद्व नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद वह पांच अप्रैल को घर से गिरफ्तार की गईं थीं। 18 अप्रैल को शासन ने उनके अधिकार सीज कर नगर मजिस्ट्रेट को प्रशासक नियुक्त किया था। मंगलवार को शासन ने उनके अधिकार बहाल कर दिए। उन्हें शत्रु संपत्ति कब्जाने के मामले में 24 अप्रैल को ही जमानत मिली थी।
पालिका अध्यक्ष ने कार्यभार तो फिर ग्रहण कर लिया है, लेकिन उनका संकट बरकरार है। अभी उन्हें शत्रु संपत्ति कब्जाने के मामले की जांच का सामना करना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि शत्रु संपत्ति कब्जा मामले को शासन पहले से ही गंभीरता से लिए हुए है। फिलहाल दोबारा पालिका अध्यक्ष का प्रभार लेने के बाद उन्होंने नगर पालिका कर्मियों के साथ बैठक की। बारिश को देखते हुए शहर में जलनिकासी आदि के बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए।
वहीं, सभासदों ने उनका स्वागत भी किया। एक बार फिर नगर पालिका में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम होने से लोगों में खुशी दिखी। चेयरमैन उजमा राशिद ने कहा कि वह नगर के विकास के लिए सदैव तत्पर रहीं हैं और आगे भी जनहितों को प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी से कार्य करेंगी। अधिसाशी अधिकारी नगर पालिका परिषद गोंडा संजय कुमार मिश्र ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति पर पालिकाध्यक्ष उजमा राशिद ने प्रभार ले लिया है।