छपिया में सगी बहनों की मौत के बाद मौके पर पहुंचे एसपी व अन्य। - संवाद
गोंडा। छपिया थाना क्षेत्र के वासुदेवपुर खैरहवा घाट झलहना में छप्पर में सो रहीं दो सगी बहनें बुधवार भोर बिस्तर पर मृत मिलीं। दोनों के गले में साड़ी का फंदा कसा मिला तो पूरे इलाके में दोहरे हत्याकांड की खबर फैल गई।
सूचना पर डीआईजी व एसपी ने मौका मुआयना कर परिजनों से पूछताछ की। खोजी कुत्ता घर से कुछ दूर स्थित एक छप्पर तक गया। इस पर वहां रहने वाले युवक को हिरासत में लेकर उसके परिजनों से पूछताछ की गई। ऑनर किलिंग समेत अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल की। मगर शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत की वजह फंदे से गर्दन कसना बताया गया। शाम को पुलिस ने दावा किया कि परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर दोनों ने फांसी लगा ली थी।
वासुदेवपुर खैरहवा घाट झलहना निवासी मंगल निषाद मंगलवार रात खेत में थे। घर में उसकी पत्नी शांति देवी, बेटी सुमन (19), संगीता (17) व बेटा कन्हैया थे। रात 10.30 बजे खाना खाने के बाद परिवार के लोग छप्परों में सो गए। सुमन और संगीता एक ही तख्त पर लेटी थीं। बुधवार भोर शांति की चीख-पुकार पर गांव के लोग जुटे तो पता चला कि दोनों की किसी ने साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ शुरू की। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद छपिया इंस्पेक्टर सतानंद पांडेय ने बताया कि दोनों बहनों के खुदकुशी करने पर परिजनों ने फंदे से शव उतार लिए थे और डर की वजह से पुलिस को सही जानकारी नहीं दी थी। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
दोनों बेटियों के शव फांसी के फंदे पर लटके देख शांति ने शोर मचाया तो पास के छप्पर में सो रहे दोनों बेटे आ गए। दोनों भाइयों ने सुमन व संगीता के शव फंदे से उतारे और बिस्तर पर लिटाकर कंबल ओढ़ा दिया। पुलिस के डर से घरवालों ने खुदकुशी की बात छिपा ली मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच्चाई उजागर हो गई। तब शांति ने बताया कि भोर में वह पानी पीने उठी तो दीवार पर लगे पाइप में साड़ी से बंधे फंदे पर सुमन व संगीता के शव लटके देख चीख पड़ी। तब बेटे सियाराम व कन्हैया ने पहुंचकर दोनों शव फंदे से उतारे। शांति ने बताया कि सुमन बीमार रहती थी। उसे किसी बात पर फटकार लगाई थी। जिससे क्षुब्ध होकर सुमन के साथ ही संगीता ने फांसी लगा ली।
मंगल निषाद के चार बेटे व तीन बेटियां थीं। बड़ी बेटी राधा की शादी हो चुकी है। सुमन ने कक्षा आठ के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। संगीता 10वीं की छात्रा थी। बेटे शत्रुघ्न राजस्थान व शेषराम विजयवाड़ा में मजदूरी करते हैं। जबकि दो बेटे सियाराम व कन्हैया घर पर रहते हैं। सुमन व संगीता की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। घटना से गांव के लोग भी हैरान हैं।