गोंडा। न्यायालय में अभियुक्तों की जमानत लेने का पेशा बनाने वाले दो जमानतदारों को भारी पड़ गया। दोनों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है।
जिले के वजीरगंज थाने में अभियुक्त अभिषेक सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। आरोपी को न्यायालय से जमानत भी मिल गई। जमानतनामा दाखिल होने पर न्यायालय ने प्रपत्रों का सत्यापन कराया। सत्यापन रिपोर्ट में कोतवाली देहात पुलिस ने कहा कि जमानत लेने वाले अभयदीप निवासी लौटनपुरवा श्यामपुर गोंडा व परमानंद तिवारी निवासी ग्राम चांदपुर खरगूपुर पेशेवर जमानतदार हैं।
अभयदीप ने गोंडा और लखनऊ जिले के 19 आपराधिक मामलों में और परमानंद तिवारी ने 16 अन्य आपराधिक मामलों में अभियुक्तों की जमानत ले रखी है। जबकि न्यायालय में शपथपत्र में दोनों ने किसी और मुल्जिम की जमानत न लेने की बात कही है। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट मोहम्मद नियाज अहमद अंसारी ने अदालत में झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने और न्यायिक प्रणाली में बाधा पहुंचाने का दोषी मानते हुए जमानतदार अभयदीप व परमानंद तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश कोतवाली नगर पुलिस को दिया।
न्यायालय ने अभियुक्त अभिषेक सिंह से संबंधित जमानत पत्रावली को सील कवर में रखने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।