खरगूपुर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते शिवभक्त। - संवाद
गोंडा। अधिमास के आखिरी सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार के साथ ही त्रयोदशी पड़ने के कारण श्रद्धालुओं की तादाद डेढ़ गुना हो गई। खरगूपुर स्थित महाभारत कालीन पौराणिक पृथ्वीनाथ मंदिर में आसपास के जिले के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु भगवान महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचे। भोर में मंदिर के कपाट खुलते ही महिलाओं व पुरुषों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर का गर्भगृह बोलबम, ओम नम: शिवाय व हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के पुजारी जगदंबा प्रसाद तिवारी ने बताया कि यहां 50 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि गर्भगृह व मंदिर परिसर के साथ ही बैरियर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी व पुलिस लगाई गई है।
शहर के दुखहरणनाथ मंदिर में भोर चार बजे आरती के बाद जलाभिषेक के लिए कपाट खोले गए। यहां पूरे दिन महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प, धूप, अक्षत आदि से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। बड़गांव चौकी व गुरुनानक चौराहे से रूट डायवर्जन किया गया था। मंदिर के रास्ते पर वाहनों का आवागमन वर्जित था। नगर कोतवाल संजय कुमार गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी दिनभर मुस्तैद रहे।
वजीरगंज संवाद के अनुसार बालेश्वरनाथ मंदिर में भी भोर से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। करनैलगंज नगर व ग्रामीणों क्षेत्र के शिवालयों में लोगों ने जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिरों में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव से पूजा-अर्चना की। सबसे ज्यादा भीड़ बरखंडीनाथ महादेव में रही। जहां हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों ने बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूध आदि अर्पित किया।
अधिमास के आखिरी सोमवार को घरों व मंदिरों में रुद्राभिषेक व भंडारे का आयोजन किया गया। दुखहरननाथ मंदिर पर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह की ओर से सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। सीएमओ के स्टेनो अमरनाथ पांडेय की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। इसी प्रकार घरों में रुद्राभिषेक कर भगवान महादेव को खुश करने का प्रयास किया गया।