गोंडा। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शनिवार रात छपिया में मानिकपुर जंगल के पास पिपरही घाट पर मनवर नदी के गहरे पानी में तीन श्रद्धालु डूबने लगे। इनमें से एक को तो लोगों ने किसी तरह से बाहर निकाल लिया मगर दो युवक डूब गए। देर रात तक गोताखाेरों की मदद से खोजबीन कराई गई। रविवार सुबह एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड कंपनी ने मोर्चा संभाला। इसके बाद एक युवक का शव मिल गया। दूसरे की तलाश की जा रही है।
मनवर नदी के पिपरही घाट पर विसर्जन के दौरान शनिवार रात महुली खोरी फुटहिया बाजार के रहने वाले तीन श्रद्धालु गहरे पानी में चले जाने से डूबने लगे। इनमें से राकेश कुमार (25) को लोगों ने निकाल लिया था, लेकिन सत्यदेव विश्वकर्मा (21) पुत्र मनीराम और अमरजीत गुप्ता (16) पुत्र भगवानदीन डूब गए। स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक उनकी तलाश की। इसके बाद एसडीआरफ की टीम को बुलाया गया। रविवार सुबह पहुंची एसडीआरएफ टीम ने तलाश शुरू की तो दोपहर तीन बजे सत्यदेव का शव मिल गया। सत्यदेव का शव देखते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर मौजूद मनकापुर तहसीलदार सतपाल सिंह व एसओ छपिया कृष्णगोपाल राय ने परिजनों को ढांढ़स बंधाया। विधायक प्रभात कुमार वर्मा और छपिया ब्लॉक प्रमुख अनिल पासवान ने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि सत्यदेव का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अमरजीत की तलाश की जा रही है।
विसर्जन के दौरान पिपरही घाट पर मनवर नदी में डूबे युवकों की तलाश के लिए सूचना के बाद भी एसडीएआरएफ टीम देरी से पहुंची। इससे नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।