गोंडा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन 80 करोड़ की लागत से लखनऊ वाया गोंडा, गोरखपुर से छपरा स्टेशन तथा प्रयागराज से छपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इन रूटों पर प्रत्येक एक किलोमीटर पर सिग्नल लगाया जाएगा। दो स्टेशनों के बीच व एक ब्लॉक सेक्शन पर एक से अधिक ट्रेन चलेंगी। इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। यात्रियों को कम समय में अधिक दूरी का यात्रा का लाभ मिलेगा।पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक चंद्रवीर रमण का कहना है कि अत्याधुनिक यंत्रों से लैस करना और स्टेशनों का हवाई अड्डे के तर्ज पर विकास करना ही लक्ष्य है। इसी के मद्देनजर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन करीब दो माह बाद मई से 80 करोड़ की लागत से लखनऊ से वाया गोंडा होकर गोरखपुर से छपरा रेलवे स्टेशन तथा प्रयागराज से छपरा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैकों पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाएगा।
इन दोनों रूटों पर प्रत्येक एक किलोमीटर के दायरे में ऑटोमेटिक सिग्नल लगाया जाएगा। सिस्टम का कार्य पूरा होने पर इन दोनों रूटों पर ट्रेनों की गति 110 से बढ़कर 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी और कम समय में अधिक दूरी का सफर करने का लाभ यात्रियों को मिलेगा। इस सिस्टम से सबसे बड़ा फायदा होगा कि दो स्टेशनों के बीच व एक ब्लॉक सेक्शन में एक ही लाइन पर दो से अधिक ट्रेनें चलती रहेंगी। इससे आगे की लाइन क्लियर न होने के कारण बेवजह एक जगह पर घंटों खड़ी रहने वाली ट्रेनों की बीमारी खत्म हो जाएगी।
सिग्नल के लिए 80 करोड़ का मिला
इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा किऑटोमेटिक सिग्नल लगाने के लिए 80 करोड़ का बजट मिल गया है। कार्य करने वाली एजेंसी भी तय हो गई है। सीपीआरओ ने कहा कि करीब दो महीने के बाद ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम का कार्य शुरू हो जाएगा।