गोंडा। नगर पालिका परिषद गोंडा में 51.68 फीसदी मतदान पर सिमट गई। वह दस निकायों की सूची में दसवें पायदान पर रही। गोंडावासी तय 60 फीसदी मत भी हासिल नहीं कर सके। नवाबगंज के मतदाताओं ने 73.37 फीसदी मतदान कर रिकार्ड बनाया और इस बार जिला टॉप रहे। करनैलगंज में 64.29 फीसदी वोट पड़े, जो साल 2012 और 2017 से भी कम है। नवगठित नगर पंचायतों के मतदाताओं ने दम दिखाया। इसमें नगर पंचायत बेलसर में 63.63 फीसदी, तरबगंज में 63.07 फीसदी व धानेपुर में 57.99 फीसदी मतदान रहा। मनकापुर में मतदान हर चुनाव में घटता जा रहा है। साल 2012 में 53 व साल 2017 में 70.63 फीसदी था अब 66.59 फीसदी मतदान हुआ। खरगूपुर में इस बार मतदान कम हुआ। साल 2012 में 67 से बढ़कर साल 2017 में 75.66 फीसदी मतदान हुआ, जबकि अब 69.05 फीसदी ही रहा। यहां भी साल 2017 से मतदान कम हुआ।
कटरा बाजार में साल 2012 में 76.25 से बढ़कर 77.63 फीसदी मतदान हुआ मगर अब 67.43 फीसदी ही मतदान हुआ। यहां मतदाताओं ने बड़ा झटका दिया है। परसपुर में साल 2017 में पहला चुनाव हुआ, तब 69.17 फीसदी मतदान हुआ मगर इस बार 65.15 फीसदी ही मतदान हुआ। यहां भी पांच साल में ही चार फीसदी मतदान में गिरावट आई है।
गोंडा में साल 2017 के चुनाव में सात नगरीय निकायों में ही 69.24 फीसदी मतदान हुआ था। यह साल 2012 में पड़े 63 फीसदी मतों से 6.24 फीसदी अधिक था। जबकि साल 2017 में सिर्फ परसपुर नगर पंचायत ही नई शामिल हुई थी।
निकाय चुनाव में इस बार उम्मीद थी कि नया रिकार्ड बनेगा। बेलसर, परसपुर व धानेपुर नवगठित नगर पंचायत बनी हैं। मगर 64.23 फीसदी पर ही मतदान सिमट गया। सात से दस निकाय होने के बाद भी जिले में मतदाता पुराना रिकार्ड नहीं तोड़ सके। ऐसा तब है, जब इस बार मतदान के लिए काफी जोर रहा है। जिले के नेताओं के साथ ही अधिकारियों ने भी जागरूकता को लेकर प्रयास किए। इसके बाद भी साल 2017 के मतदान ने इस बार पांच फीसदी कम ही वोट पड़े।