पसका/परसपुर(गोंडा)। पसका सूकरखेत के त्रिमुहानी घाट पर बृहस्पतिवार को भीषण ठंड के बावजूद करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने पौष पूर्णिमा के अवसर पर आस्था की डुबकी लगाई।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान वाराह के मंदिर में जाकर माथा टेका। विविध आयोजनों ने मेले में चार चांद लगा दिया। कवि व शायरों की महफिल ने समां बांध दिया। सनातन धर्म परिषद की ओर से 42वां राष्ट्रीय रामायण मेले का आयोजन किया गया।
बृहस्पतिवार सुबह ब्रह्ममुहूर्त की बेला में पहले कल्पवास कर रहे नागा, साधुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद अन्य श्रद्धालुओं ने स्नान करना शुरू किया जो दोपहर बाद तक जारी रहा।
स्नान-ध्यान के बाद भक्तों ने त्रिमुहानी घाट पर ही पंडितों व पंडों सहित गरीबों को दानपुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कई घाटों पर दूरदराज इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण व्रत कथा सुन भंडारा भी किया। मेला परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। मेले में पसका विकास मंच की ओर से आयोजित धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों को बांधे रखा।
मैजिकल
शो व इलेक्ट्राॅनिक झूला रहा आकर्षण का केंद्र
मेले में आदर्श नृत्यकला, भारत सम्राट मैजिक शो, जादूगर आरके पाशा, बड़ा इलेक्ट्रिक झूला, ड्रैगन सुपर रेल आदि आकर्षण का केंद्र रहा।
42वां राष्ट्रीय रामायण मेला आयोजित
श्रीतुलसी जन्मभूमि न्यास व सनातन धर्म परिषद के तत्वावधान में कई धार्मिक कार्यक्रम के साथ 42वां राष्ट्रीय रामायण मेला आयोजित किया गया। पसका विकास मंच व पसका तीर्थ मेला समिति की ओर से धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान करनैलगंज विधायक करनैलगंज अजय सिंह के साथ चेयरमैन परसपुर वासुदेव सिंह, सूरज सिंह, गुड्डू तिवारी, राजू सिंह व ओपी द्विवेदी ने भगवान वाराह मंदिर पर मत्था टेका।
चाक-चौबंद रही सुरक्षा
मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। अस्थायी मेला पुलिस चौकी बनाई गई है। मेले में एसडीएम करनैलगंज विशाल कुमार, थानाध्यक्ष शेषमणि पांडेय, एसएसआई सभाजीत सिंह, पसका मेला प्रभारी/चौकी इंचार्ज सोमप्रताप सिंह व अन्य थानों से आए सुरक्षाकर्मी, पीएसी के जवान तैनात रहे।