गोंडा। जिले में बृहस्पतिवार को हुए चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अब तक तीन से चार ऑडियो वायरल हो चुके हैं। अमर उजाला इन ऑडियो की पुष्टि तो नहीं करता मगर इनमें हुई बातचीत रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही उजागर कर रही है। हादसे के चार दिन पहले का दावा करते हुए एक कीमैन व जेई की बातचीत का वायरल ऑडियो गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यह बात अलग है कि इस ऑडियो की रेलवे के अधिकारी पुष्टि नहीं करते हैं।
ऑडियो में हो रही बातचीत में मोतीगंज-झिलाही रेल मार्ग के ट्रैक की सुरक्षा पर कीमैन सवाल उठाते हुए कॉशन लगाने की मांग कर रहा है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का जेई भी कॉशन जल्द लगाने का दावा कर रहा है। जेई और कीमैन की दो बार बातचीत हुई, दोनों के ऑडियो पहले तो रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों के ह्वाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुए। अब ये सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। रेलकर्मियों के संगठनों में इसकी खासी चर्चा है। फिलहाल अब रेल संरक्षा आयुक्त की जांच शुरू होने पर स्थानीय अधिकारियों की जुबान बंद हो गई है। अब सवाल यह है कि इन ऑडियो को भी जांच में शामिल किया जाएगा या नहीं। इनके जांच में शामिल होने से रेल हादसे में इंजीनियरिंग विभाग की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ेगी।
ऑडियो में हुई बातचीत
की-मैनः ....ओर पर कॉशन लगा है कि नहीं 38/5 में?
जेई : कॉशन लगा है?
की-मैनः पूछत हैं आपसे... कॉशन लगा है कि नहीं
जेई: कॉशन लगने वाला है।
की-मैनः बहुत डेंजर इस समय हो गया है।
जेई : कॉशन लगने वाला है, आईएमआर
की-मैनः हां तो बहुत डेंजर हो गया है। बकलिंग (मुड़ने) की संभावना है।
जेई : क्या बताएं अब!
की-मैनः सर, बहुत डेंजर हो गया है। वो दिनवा सुबह आप देखे तभी से बहुत डेंजर लग रहा है। कहीं पहिया उतरने की संभावना न हो जाए। कोई ठिकाना नहीं है।
जेई : अभी इंचार्ज फुट प्लेट करके आए हैं। कॉशन लग रहा है।
की-मैनः हां ... कॉशन लगवा दीजिए। कोई बात हो जाएगी तो दिक्कत हो जाएगी।
जेई : कॉशन लग रहा है। बोर्ड-वोर्ड शिफ्ट होने वाला है। 30 (किमी प्रति घंटे की स्पीड) लगने वाला है।
की-मैन: ठीक है
जेई : 30 का लगेगा कॉशन।
की-मैन: ठीक है
जेई-हेलो.. हेलो.. हां
की-मैन: कह रहे हैं कि मिलनवा पर लाइनवा कुछ गड़बड़ लगति बाय
जेई : मिलनवा पर
की-मैनः हां... मिलान पर वेल्डिंग से पच्छू
जेई : बताए थे ना इंचार्ज को। हम देखे थे एक दिन जाकर के, गड़बड़ तो है
की-मैनः बहुत गड़बड़ लागत है लाइन। वेल्डिंग के पच्छू है, वेल्डिंग से स्लीपर तक बहुत टेढ़ी-मेढ़ी हो गई है।
जेई : वेल्डिंग स्लीपर पर नई न है
जेई : आगे का फिटिंग-विटिंग देख लो। सब सही है न?
की-मैनः हां... सब ठोंक कर आए हैं।
जेई : बढ़िया से सब तार-वार लगाकर बाहर एकदम चकाचक कर देना।
की-मैन : हां... सब टाइट करके आए हैं।
जेई : भले इधर न करो लेकिन उस एरिया में जहां पर लग रहा है, उस एरिया में थोड़ा सा जाकर बढ़िया से एकदम ठोक-ठाक देना, कुछ गिरा न रहे। लाइनर-वाइनर के साथ, लाइनर भी लगा रहे।
की-मैन: ठीक-ठीक है।