गोंडा। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान पूरा जिला राममय दिखा। मठ मंदिर से लेकर आम लोगों के घरों में कहीं मानस पाठ, सुंदर कांड तो कहीं हवन पूजन का दौर चलता रहा। दोपहर 12.36 बजे आतिशबाजी और पटाखों की आवाज गूंजने लगी। मगर अयोध्या जाने वाली सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
अयोध्या रूट सील होने से मुसाफिरों की संख्या भी घट गई है। इसका सीधा असर रोडवेज की आय पर भी पड़ा। अयोध्या महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने नवाबगंज थाना क्षेत्र के शिवदयालगंज कटरा के पास अयोध्या सीमा पर 19 जनवरी की रात से ही सख्ती शुरू कर दी थी। दूसरे दिन 20 जनवरी को प्रशासन ने सीमा सील कर दी। अयोध्या प्रशासन की ओर से जारी पास के बिना किसी को भी अयोध्या की ओर जाने की अनुमति नहीं थी। अयोध्या सीमा सील होने से सोमवार को लोगों ने अयोध्या की तरफ जाने का रुख तक नहीं किया।
इसके साथ ही गोंडा से वजीरगंज-नवाबगंज मार्ग के साथ ही करनैलगंज-बेलसर-नवाबगंज (सीबीएन) मार्ग पर भी पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। इस रूट पर आने वाले वाहनों को दर्जीकुआंं, वजीरगंज, नवाबगंज, कटरा शिवदयालगंज के साथ ही करनैलगंज में बनाए गए चेकपोस्ट पर कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। हिमांचल प्रदेश के धर्मशाला के रहने वाले मदन सिंह बताते हैं, वह अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के इरादे से आए थे। मगर जब वह गोंडा पहुंचे तो पता चला कि अयोध्या की सीमा सील है।