गोंडा। जिले में दो दिनों से धूप नहीं निकली है। वहीं, ठंड से बचाव के इंतजाम फेल हो साबित हो रहे हैं। कलेक्ट्रेट, रोडवेज और मेडिकल जैसे प्रमुख स्थानों पर अलाव के समुचित इंतजाम नहीं किए गए हैं।
न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के करीब होने के बावजूद जिम्मेदार लापरवाह हैं। इससे फरियादी, यात्री व मरीजों के तीमारदार ठिठुरने के लिए मजबूर हैं।
मौसम विभाग की ओर से शीतलहर के प्रकोप को अभी 27 जनवरी तक जारी रहने का पूर्वानुमान लगाया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस दौरान घने कोहरे के चलते दृश्यता 50 से 199 मीटर रहने के आसार हैं।
बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी शीत से अति शीत दिवस रहा। बुधवार से जिले में धूप नहीं निकली है। इसके अलावा शीतलहर व पाला भी पड़ रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ ने बताया कि पाला पड़ने से आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। इसमें झुलसा रोक लगने से फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
फसलों की सिंचाई के साथ डाईथीन-एम-45 की दो किलोग्राम को एक हजार लीटर पानी में घोलकर कर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करना चाहिए।
वहीं माहू से बचाव के लिए कीटनाशक का उपयोग किया जा सकता है। अत्यधिक ठंड पड़ने से गेहूं की पैदावार बढ़ने की संभावना हैं। मटर व सरसों की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
ईओ अयोध्या मेें, अलाव की व्यवस्था फेल
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में ईओ संजय मिश्र ड्यूटी पर हैं। जिले में पर्याप्त लकड़ी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। रोडवेज बस अड्डे पर रहने वाले नूर आलम ने बताया कि जरूरत के हिसाब से लकड़ी आपूर्ति नहीं हो रही है। नगर पालिका कर्मचारियों ने बताया कि 47 स्थानों पर अलाव के इंतजाम किए गए हैं। ठंड के चलते मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
पशुओं के बचाव के लिए करें इंतजाम
जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ठाकुरजी पांडेय ने बताया कि जिले की 133 गोशालाओं में 29300 में संरक्षित किए गए हैं। ठंड से बचाव के लिए संचालकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बृहस्पतिवार को नवाबगंज के कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया। पशुपालकों से कहा कि पशुशालाओं में साफ-सफाई रखें। गोबर व गोमूत्र इकट्ठा न होने से दें। पराली का इंतजाम करें।