गोंडा। जिले में हाईस्कूल में पंजीकृत 53327 परीक्षार्थियों में 49162 ने परीक्षा दी थी। जिसमें 45909 परीक्षार्थी परीक्षा परिणाम में सफल हुए। जबकि 4053 विद्यार्थी फेल हुए हैं। असफल परीक्षार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके लिए यूपी बोर्ड ने कई अवसर प्रदान कर रखे हैं। पांच दिन बाद बोर्ड के ग्रीवांश सेल से परीक्षार्थी जानकारी कर आवेदन कर सकेंगे। अभी रविवार तक अवकाश है।
हाईस्कूल में 1800 से अधिक परीक्षार्थी ऐसे हैं जो एक विषय में फेल हो गए हैं। यूपी बोर्ड के नियम के अनुसार हाईस्कूल के छह में से पांच विषय में पास होने पर छात्र को पास मान लिया जाता है। ऐसे में एक विषय में फेल छात्र चाहें तो अपनी मार्कशीट सुधारने के लिए अंक सुधार या इम्प्रूवमेंट परीक्षा दे सकते हैं। वहीं जो दो विषय में फेल हैं उन्हें कम से कम एक विषय में पास होने के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होना होगा। जिसके बाद वह भी पास हो सकेंगे। इसी तरह जो छात्र-छात्राएं तीन या अधिक विषय में फेल हैं, उन्हें क्रेडिट सिस्टम से फायदा मिलेगा। फिलहाल इसमें वही परीक्षार्थी शामिल हो सकेंगे, जिन्हें बोर्ड ने अर्ह माना है। ऐसे छात्र चाहें तो जिस विषय में पास हैं उनके अलावा अन्य विषयों में अगले तीन वर्षों तक परीक्षा दे सकते हैं। इस दौरान वे यदि कुल पांच विषयों में पास हो जाते हैं तो उन्हें हाईस्कूल पास की मार्कशीट मिलेगी।
यूपी बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी करने में तेजी दिखाई है। उसी तरह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को मई में ही अंकपत्र सह प्रमाणपत्र देने की तैयारी भी हो रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से अंकपत्र सह प्रमाणपत्र तैयार होने हैं। दो सप्ताह बाद जिले को जानकारी आ जाएगी कि अंकपत्र लेने कब जाना है या कब आएगा। माना जा रहा है कि 14 मई से आने शुरू हो जाएंगे और भी इसी माह में हो जाएगा।
बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार परीक्षार्थियों को काफी राहत मिली है। पहली बार किसी परीक्षार्थी का परिणाम अपूर्ण नहीं रहा। पूर्व के वर्षों में अपूर्ण परिणाम रहने के कारण परीक्षार्थियों को महीनों जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों तक चक्कर लगाना पड़ता था। जिससे काफी दिक्कत होती थी।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि यूपी बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए कई पहल कर रखी। जो छात्र जिसके अर्ह होंगे उन्हें उस सुविधा का लाभ मिलेगा। स्कूलों को भी जानकारी दी जा चुकी है।