गोंडा। ढांचा विध्वंस के आरोपी रहे बृजभूषण शरण सिंह का शनिवार को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में आमंत्रण को लेकर दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कई चैनल हैं। उसे पार कर पाना मेरे बस की बात नहीं है। प्रधानमंत्री का वृहद स्तर पर कार्यक्रम है। निमंत्रण देना व्यवस्थापक पर निर्भर करता है। सरयू के इस पार से कार्यक्रम का जश्न मनाएंगे। विपक्षी नेताओं की बयानबाजी से भाजपा और मोदी की मजबूती मिलने का दावा किया है।
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भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि चैनल पार करना उनके बस की बात नहीं है। कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में एक दिन पहले बुलाया गया है। मेरे लिए एक दिन पूर्व जा पाना संभव नहीं है। इसलिए हम लोग सरयू नदी के पार से जश्न मनाएंगे।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में पूरे देवीपाटन मंडल की भूमिका रही है। सबसे अच्छी भूमिका गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की रही है। मगर सबको बुलाया नहीं जा सकता। सुरक्षा की चुनौती बढ़ जाएगी। आमंत्रण पत्र के सवाल पर सांसद बिफर पड़े। कहा कि आमंत्रण पत्र मिला या नहीं कैसे पता। इसके इतर बजरंग पुनिया पर बोलने से पूरी तरह गुरेज किया है। कहा कि कुश्ती से अलग हो चुके हैं। उधर, पहलवानों से विवाद के बाद गोंडा बीजेपी सांसद के साथ ही जिले के किसी नेता को आमंत्रण न होने को लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।