गोंडा। नगरीय निकाय निर्वाचन को हल्के से लेना स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर भारी पड़ सकता है। भाजपा के साथ ही सपा भी हर निकाय का डाटा तैयार कर रही है। वहीं कांग्रेस भी चुनाव बाद पार्टी के नेताओं के क्रियाकलापों की समीक्षा करेगी। इस चुनाव से ही पार्टी नेताओं का कद तय होगा। आने वाले लोकसभा चुनाव में नेताओं से पार्टियां हिसाब भी लेंगी।
भाजपा ने तो निकाय चुनाव में अभी से कार्रवाई शुरू कर दी है। पार्टी ने 16 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाकर हलचल पैदा कर दी है। भाजपा की तैयारी है कि निकाय चुनाव में प्रदर्शन से ही लोकसभा व आने वाले विधानसभा चुनाव में नेताओं को अवसर मिलेगा। इसके लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने बीते दिनों बैठक में स्पष्ट निर्देश दे दिया था। अब पार्टी भी सबकी रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसी तरह सपा भी हर सीट की स्थिति से पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के प्रभाव का खाका खींचेगी। इससे पार्टियों में खलबली भी है। स्थानीय नेताओं ने अचानक क्षेत्रों में दखल बढ़ा दी है।