गोंडा। करवा चौथ पर्व को लेकर शुक्रवार को बाजारों में रौनक रही। सौंदर्य प्रसाधन से लेकर कपड़े और पूजन सामग्री की दुकानें खरीदारों से गुलजार रहीं। गांव-देहात से लेकर शहर तक सभी वर्ग की महिलाएं जोर-शोर से पर्व की तैयारियां कर रही हैं। शुक्रवार को पूजन सामगी, बर्तन व सराफा समेत सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। सड़कों पर मिट्टी के रंग-बिरंगे करवा, खील, गट्टा की दुकानें सजी हैं।
वैदिक विद्वान धर्मवीर ने बताया कि कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पति के दीर्घायु व सौभाग्य के लिए करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं रखती हैं। वैवाहिक जीवन में 16 बार करवा चौथ व्रत रखने के बाद महिलाएं इसका उद्यापन कर सकती हैं। करवा व्रत मुख्य रूप से सौभाग्य के देवता चंद्रमा से दांपत्य जीवन में प्रेम की वृद्धि व पति की दीर्घायु की कामना से निराहार रहकर रखने की मान्यता है। व्रत में रात्रि में सोलह शृंगार से सजधज कर चंद्रोदय होने पर समूह में सुहागिन महिलाएं गणेश गौरी व शंकर जी का पूजन कर तांबे या मिट्टी के करवा से चंद्रमा को जल अर्पित करने व आटे की छन्नी से चंद्रमा का दर्शन कर व्रत संपन्न करती हैं। इस मौके पर पति के हाथों जल पीना सौभाग्य का सूचक माना जाता है।
करवा चौथ व्रत को लेकर सड़क की पटरियों पर मिट्टी के करवा की खरीद शुरू हो गई है। सौंदर्य सामग्री की दुकानों पर महिलाएं उत्साह से अपनी पसंद की क्रीम, पाउडर, चूड़ी, बिंदी, बालों को सजाने की चिमटी खरीदने में तल्लीन हैं। करवा चाैथ को लेकर कपड़े की दुकानों पर ब्रांडेड साड़ियों और आभूषण की दुकानों पर गहनाें की बिक्री हो रही है।