विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी खतरे के निशान से डेढ़ मीटर दूर है। वैसे 72 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। बाढ़ का पानी साकीपुर के चहलावा में खेत काट रहा है। एक ग्रामीण का छप्पर व राम मिलन के घर के सामने लगा बिजली का खंभा भी इसकी जद में आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार भोर में बारिश के बाद बिजली न आने से काफी समस्या हो रही है। वहीं, करनैलगंज में मौजूदा समय में बाढ़ का दायरा सीमित है मगर, एक सप्ताह बाद नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ने के आसार हैं। हालांकि बाढ़ से निपटने की सारी कवायदें बाढ़ खंड के अधिकारी पूरी कर चुके हैं। बहुवन मदार मांझा के पास तीन स्परों का निर्माण पूरा हो चुका है। चंदापुर किटौली के पास पहले ही स्पर का निर्माण किया जा चुका है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य का कहना है कि स्पर का निर्माण पूरा हो चुका है। जहां खतरा था वहां बांध को पत्थर से पिचिंग किया जा चुका है।