गोंडा। शासन की प्राथमिकताओं में अहम संपूर्ण समाधान दिवस से जिले के सात थानाध्यक्षों ने आंखें फेर लीं। हद तो यह रही कि पूरे दिन में एक बार भी तहसील तक नहीं जा सके। इस पर एसडीएम सदर व सीओ सिटी ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी और थानाध्यक्षों की करतूत पर नाराजगी जताई। रविवार के बाद भी आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। उन्होंने डीआईजी को पत्र भेजकर अनुपस्थित रहने वाले सभी सातों थानाध्यक्षों की जांच कराने की संस्तुति की है।
आयुक्त के तेवर तीखे होने से थानाध्यक्षों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि मामले में कार्रवाई तय है। मालूम हो कि शनिवार को तहसील सदर के संपूर्ण समाधान दिवस में नगर कोतवाल राकेश सिंह, देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार, मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार, धानेपुर थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह, खरगूपुर थानाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी, इटियाथोक थानाध्यक्ष संतोष कुमार सरोज व कौड़िया थानाध्यक्ष संदीप सिंह नहीं पहुंचे थे। इन थानाध्यक्षों के संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित नहीं रहने से कई मामलों के निस्तारण में दिक्कत आई, वहीं जनसुनवाई भी बाधित रही। अब जांच में थानाध्यक्षों की लापरवाही और उजागर होगी।
संपूर्ण समाधान दिवस में न जाने वाले थानाध्यक्षों में खलबली मची रही। वह बचाव के लिए जुगत भिड़ाने में जुटे रहेे। कौड़िया थानाध्यक्ष संदीप सिंह तो करनैलगंज तहसील में उपस्थिति का प्रमाण जुटा रहे हैं। उनका थाना दो तहसील क्षेत्रों में शामिल है। करनैलगंज में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस होने से वह वहां गए थे। इसके अलावा अन्य छह थानाध्यक्ष भी व्यस्तता दिखाने के लिए रविवार को जीडी दुरुस्त करते रहे। फिलहाल इन छह थानों में शनिवार को कोई ऐसी बात नहीं थी जो संपूर्ण समाधान दिवस से ज्यादा महत्वपूर्ण हो। अब जांच पर सभी की निगाहें टिकी है।
देवीपाटन मंडल के आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र का कहना है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले एजेंडे में संपूर्ण समाधान दिवस प्रमुख है। ये अत्यंत गंभीर विषय है कि सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस से सभी सात थानेदार एकसाथ गायब रहे। यह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिहाज से आपत्तिजनक है। ये शासन के आदेशों की अवहेलना है और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। इन सबके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।