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Gonda News: सजायाफ्ता शिक्षक 12 साल देता रहा सेवा, आंखें मूंदे रहे जिम्मेदार

Thu, 07 Dec 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा।
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तरबगंज के जमथा कंपोजिट विद्यालय में सजायाफ्ता प्रधानाध्यापक शिव कुमार सिंह सेवाएं देता रहा, लेकिन अफसरों ने कार्रवाई नहीं की। एक शिकायत के बाद डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में कमेटी गठित की। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद करीब 12 साल बाद मामले में कार्रवाई की तैयारी है। बीएसए से लेकर बीईओ तक बड़ी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर की अगुवाई में जांच में पता चला कि एससीएसटी एक्ट के तहत प्रधानाध्यापक शिव कुमार सिंह आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड का दोषी है। इसके विरोध में हाईकोर्ट में अर्जी लगाई तो अर्थदंड आधा कर दिया गया। सजायाफ्ता शिक्षक शिव कुमार को जमानत मिलने के बाद ही अफसरों ने सेवा बहाल कर दी।
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इतना ही नहीं जेल में बंद रहने के दौरान अफसरों ने मिलीभगत कर वेतन भुगतान भी कर दिया, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि निलंबन अवधि के दौरान आधा वेतन दिया जाना चाहिए। प्रधानाध्यापक की सजा किसी भी न्यायालय से स्थगित नहीं है। ऐसे में वर्तमान तैनाती पर सवाल खड़े किए थे। जांच कमेटी से जुड़े अधिकारी ने शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि की है। नियमावली के अनुसार एक सजायाफ्ता शिक्षक पर कार्रवाई की संस्तुति की है।

शिकायत के बाद हरकत में आए अधिकारी
जानकारों के मुताबिक, कोर्ट ने प्रधानाध्यपक शिव कुमार सिंह को दिसबंर 2010 को मामले में सजा सुनाई थी। इसके बाद भी अफसर अंजान बने रहे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मिलीभगत कर अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि शिक्षिकाओं समेत जिम्मेदारों ने बार-बार शिकायतें की थीं। जांच कमेटी से जुड़े अधिकारी ने बताया कि नियोक्ता अधिकारी बीएसए हैं। ऐसे में बीएसए स्तर से मामले में कार्रवाई की जानी है। कमेटी ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

1997 में दर्ज हत्या के मामले में दोषी पाया गया था शिक्षक
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्ष 1997 में तरबगंज थाने में शिक्षक शिवकुमार के खिलाफ हत्या के मामले में एससीएसटी समेत कई संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में आठ दिसंबर 2010 को सुमेर सिंह एवं गुल्हुर उर्फ शिवकुमार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इससे पहले 1992 में मारपीट समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किए गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि अध्यापक लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
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वर्जन
सुनवाई पूरी हो गई है, जल्द कार्रवाई की जाएगी
सिटी मजिस्ट्रेट व जिला विद्यालय निरीक्षक की जांच में प्रधानाध्यापक सजायाफ्ता पाए गए हैं। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। ऐसे में शिक्षक के पक्ष को भी सुना गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
-प्रेमचंद यादव, बीएसए
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