पसका। लोहंगपुर के सहजौरा में सम्मय माता के स्थान पर आयोजित पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव में शनिवार को स्थानीय कलाकारों ने नारद मोह का मनमोहक मंचन किया। देवर्षि नारद की तपस्या भंग करने के लिए इंद्र ने कामदेव को भेजा, लेकिन नारद जी का ध्यान भंग नहीं हुआ। इससे उन्हें घमंड हो गया। भगवान विष्णु ने उनका घमंड तोड़ने के लिए विश्वमोहिनी का स्वयंवर कराया। वहां नारद जी का बंदर मुख देखकर लोग हंस पड़े। नारद जी ने क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप दे दिया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के संरक्षक प्रमोद मिश्र, सत्यदेव मिश्र, पवन पांडेय, तारकेश्वर, प्रमोद मिश्र, शिवम, अनुराग मिश्र आदि उपस्थित रहे। (संवाद)