मनकापुर, बाराबंकी और अयोध्या से अलग-अलग रूट की पकड़ी रेलगाड़ियां
रूट में बदलाव से तीन घंटे देरी से मनकापुर पहुंची शहीद एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें
संवाद न्यूज एजेंसी
मनकापुर/गोंडा। मोतीगंज व झिलाही स्टेशन के बीच पिकौरा गांव के पास बृहस्पतिवार को ट्रेन हादसे के बाद रेल प्रशासन को गोंडा से निकलने वाली गाड़ियों को डायवर्ट करना पड़ा है। जिसके चलते आम यात्री बेहाल रहे। उन्हें अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ और जिले के मनकापुर जंक्शन तक ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़भाग करनी पड़ी। वहीं शहीद एक्सप्रेस समेत तमाम रेलगाड़ियां तीन घंटे से अधिक देरी से मनकापुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं।
बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे लेकिन हादसे के चलते ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया जा चुका था। रोडवेज बस पकड़ने के लिए पहुंचे तो पता चला कि मनकापुर रेलवे स्टेशन के लिए सुबह 8:00 तक बसें नहीं है। सुबह 3:00 और 2:00 बसें रवाना की जा चुकी है। ऐसे में यात्रियों को रोडवेज सेवाएं नहीं मिल सकी है। आनन-फानन में बाराबंकी, लखनऊ तक सैकड़ों किलोमीटर तक यात्रियों ने दौड़-भाग की। हादसे के चलते अचानक बदले रूट से यात्रियों को अयोध्या और मनकापुर समेत अलग-अलग क्षेत्र में निजी साधनों से यात्रा करने पर मजबूर रहे। परेशानियों के चलते अपनी यात्रा अचानक रद्द कर दी। वहीं रूट में बदलने से यात्रियों को कई घंटे तक ट्रेनों का इंतजार करना। आरक्षित सीटें होने के बावजूद कांवरियों को भी मनकापुर से सुल्तानगंज के लिए ट्रेन पकड़नी पड़ी है।
क्या बोले यात्री...
खरगूपुर क्षेत्र के बराहेमा निवासी मोहित मिश्र ने बताया कि उन्हें सुल्तानगंज कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। मगर उन्हें मनकापुर जाने का सुझाव दिया गया। इसके बाद किसी तरह से रेलवे स्टेशन पहुंचे हैं। मगर ट्रेनों का रूट डायवर्ट होने के बाद परिवहन निगम की ओर से कोई इंतजाम नहीं रहा है। ऐसे में उनके जैसे तमाम यात्रियों को बड़ी सुविधा का सामना करना पड़ा है।