गोंडा। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ठगी के मामले में आरोपी को विवेचक के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है। छपिया के ग्राम बेल्डिहा निवासी संतोष कुमार ने दो सितंबर 2025 को डीआईजी को प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की थी। आरोप लगाया कि ग्राम सुरवार खुर्द निवासी उनके मित्र रामदयाल यादव ने लखनऊ में सस्ती जमीन दिलाने का भरोसा दिलाया और इंदिरानगर के मुंशी पुलिया निवासी मनीष मेहरोत्रा से परिचय कराया। मनीष ने खुद को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का रिश्तेदार बताते हुए प्लॉट दिलाने का झांसा देकर 40 लाख रुपये ले लिए। बाद में न तो जमीन दिलाई गई और न ही रुपये लौटाए। आईजी के आदेश पर 17 दिसंबर 2025 को छपिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी मनीष मेहरोत्रा ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एफआईआर निरस्त कराने की मांग करते हुए रिट याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने तथ्यों व परिस्थितियों पर विचार करते हुए आरोपी को संबंधित थाने के विवेचक के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है।