गोंडा। तरबगंज से भाजपा विधायक प्रेम नरायन पांडेय को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 में प्रेम नरायन पांडेय के खिलाफ तरबगंज थाने में दर्ज अवैध शराब बरामदगी की एफआईआर रद्द कर दी है।
इस मामले का ट्रायल अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम/एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। हनुमान शरण शुक्ल (अब मृत) व प्रेम नरायन पांडेय को इस मुकदमे में आरोपी बनाते हुए तरबगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष विजयशंकर यादव ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याची के अधिवक्ता आरपी मिश्र ने बताया कि साल 2003 में फर्जी ढंग से दर्ज कराई गई प्राथमिकी निरस्त करने का आदेश हुआ है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने प्रेम नरायन पांडेय के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया था। इस प्राथमिकी को निरस्त कराने के लिए मौजूदा समय में भाजपा विधायक प्रेम नरायन पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता आरपी मिश्र और लोक अभियोजक राजेश सिंह ने अपना-अपना पक्ष रखा। मंगलवार को कोर्ट नंबर 11 में दोनों पक्षों ने बहस की। जिसके बाद न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने फैसला सुनाते हुए प्राथमिकी निरस्त करने का आदेश दिया।
साल 2003 में राजनीतिक द्वेष वश फर्जी ढंग से ये मुकदमा दरोगा विजय शंकर यादव ने दर्ज कराया था। हनुमान शरण शुक्ल की आबकारी की लाइसेंसी दुकान थी। पुलिस ने उसी दुकान से शराब की पेटियां पहले गाड़ी में रखीं। इसके बाद हमें व हनुमान शरण को फरार दिखाते हुए आरोपी बना दिया था। साल 2017 में राज्य सरकार ने फर्जी मुकदमों की वापसी के क्रम में इस केस को भी वापस लेने का निर्णय लिया था। पहले ये केस एमपीएमएलए कोर्ट इलाहाबाद में चला। फिर इसे गोंडा स्थानांतरित कर दिया गया। हाईकोर्ट ने प्राथमिकी निरस्त करने का आदेश देकर न्याय किया है।
- प्रेमनरायन पांडेय, विधायक