गोंडा। अपना मजहब छिपा युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म व कई बार गर्भपात कराने के बाद पोल खुलने पर उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने की कोशिश करने के आरोपी दरोगा मोहम्मद वसी खां की जमानत अर्जी मंगलवार को सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने खारिज कर दी। पिछले दिनों मामले में रिपोर्ट दर्ज कर नगर कोतवाली पुलिस ने दरोगा मोहम्मद वसी खां को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके जेल भेजा था।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र की एक युवती ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बताया था उपनिरीक्षक मो. वसी खां ने वर्ष 2019 में नगर कोतवाली में तैनाती के दौरान अपना नाम रिंकू शुक्ल बताकर उसे प्रेमजाल में फंसाकर कई बार दुष्कर्म किया था।
वह बहनों की शादी के बाद उससे विवाह करने का झांसा देकर दुष्कर्म करता था। युवती के गर्भवती होने पर बदनामी का हवाला देकर कई बार गर्भपात भी कराया। शादी का दबाव बनाने पर 27 जून 2022 को रात 10 बजे दरोगा ने युवती को आइसक्रीम में जहरीला पदार्थ खिला दिया। हालांकि तबीयत बिगड़ने पर युवती के परिजनों ने उसे समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई।
युवती ने नगर कोतवाली में शिकायत की तो पुलिस ने उसे ही बैठा लिया। पूरी रात कोतवाली में बैठाए रखा। मामले में एसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दरोगा मोहम्मद वसी खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। लखीमपुर खीरी के सैयदवाड़ा, थाना खीरी टाउन के रहने वाले मोहम्मद वसी खां को कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया था। एसपी ने उसे निलंबित भी कर दिया था।
वसी खां के जमानत प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मुकदमे के तथ्य व अपराध की गंभीरता को देखते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने वसी खां का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।