गोंडा। मनकापुर ब्लाॅक के उपाध्यायपुर ग्रंट की 75 वर्षीय शोभावती को पति जगदंबा प्रसाद के निधन के बाद वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। डेढ़ साल पहले अधिकारियों ने शोभावती को भी कागज में मृत घोषित कर पेंशन रोक दी। तब से वह खुद को सरकारी दस्तावेजों में जिंदा कराने के लिए भटक रही थीं। बीते दिनों यह प्रकरण जिलाधिकारी नेहा शर्मा के समक्ष पहुंचा। जिसके बाद उन्होंने मामले की नियमित जानकारी ली। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर सत्यापन में महिला के मृत होने की सूचना प्राप्त हुई थी। अब जांच करके फिर से पेंशन जारी करने का आदेश दिया गया है।