गोंडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जानलेवा हमले के 26 साल पुराने मामले में दोषी को सात साल कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खोजनपुर निवासी सीता सरन ने 25 अप्रैल 1998 को थाने में दर्ज कराए केस में कहा कि वह अपने दरवाजे पर था। इस बीच गांव के जनार्दन प्रसाद, ज्वाला प्रसाद, रामकरन व एक नाबालिग युवक रिवाल्वर लेकर आए और उस पर फायर कर दिया। जिसमें उसे चोटें आईं हैं। विवेचना के दौरान अपराध के पुख्ता सबूत मिलने पर पुलिस ने आरोपी बाल अपचारी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी रामकरन को भी तलब किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे के दौरान बाल अपचारी का मामला किशोर न्यायालय भेज दिया गया। ट्रायल के दौरान संदेह से परे साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त रामकरन को दोषी करार दिया। बुधवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम पूजा सिंह ने दोषी रामकरन को सात साल सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।