गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती के आदेश के बाद यहां तैनात 24 सुरक्षाकर्मियों की नौकरी दो महीने में ही खत्म कर दी गई, जबकि इनका संबंधित एजेंसी से 11 महीने का करार हुआ था।
अस्पतालों की सुरक्षा के लिए सीएमओ की ओर से 67 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की स्वीकृति मिली थी। सीएमओ ने आगरा की मेसर्स मयंक एजेंसी की ओर से 30 जुलाई को 43 सुरक्षा गार्डों की तैनाती मेडिकल कॉलेज में कर दी गई थी, जो प्रवेश गेट, इमरजेंसी, पर्चा काउंटर, लैब व ओपीडी के बाहर तैनात थे। वहीं कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश मिले। जिस पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड 75 पूर्व सैनिकों की मांग की है। शासन के निर्देश पर अब पूर्व सैनिक ही अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था देखेंगे। जिसके बाद मयंक एजेंसी की ओर से 24 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती समाप्त करने का नोटिस दिया गया है। इससे इन सिक्योरिटी गार्डों की नौकरी दो महीने में ही खत्म हो गई। गार्डों ने बताया कि उनकी सेवा शर्त में 11 महीने का करार हुआ था। नौकरी खत्म होने पर सुरक्षाकर्मियों में निराशा है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब पूर्व सैनिकों की तैनाती की जानी है। वर्तमान में तैनात सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती मेसर्स मयंक एजेंसी की ओर से की गई है। एजेंसी की ओर से ही गार्डों की तैनाती व्यवस्था समाप्त करने का नोटिस दिया गया है।