गोंडा। स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही बरतने पर जिले की 23 आशा (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट) की सेवा समाप्त कर दी गई। यह निर्णय शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लिया गया। डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि 23 आशा कार्यों में रुचि नहीं ले रही थीं। इनको जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से दो बार नोटिस भेजी गई मगर कार्यों में कोई सुधार नहीं हुआ। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के निर्देश पर आशा कार्यकर्ता गीता मिश्रा, विद्यावती, रामावती, मीरा पांडेय, साधना तिवारी, जयंती देवी, साधना पांडेय, पूनम (दुरगोंड़वा), पूनम (अभईपुर खास), मंजू यादव, हेमा पांडेय, मधु सिंह, विमला, अनीता देवी, रेखा, सुमन, माया देवी, ममता श्रीवास्तव, रामावती, प्रीति मिश्रा, सरोज श्रीवास्तव, रेनू व पूनम शुक्ला (धनौली) की सेवा समाप्त कर दी गई।
मुजेहना सीएचसी पर तैनात ब्लाॅक अकाउंट मैनेजर अतुल कुमार द्वारा नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने के कारण उनका वेतन रोकने का डीएम ने निर्देश दिया। आशाओं के रिक्त पदों पर आवेदन प्राप्त होने के बावजूद पत्रावली पेश न करने वाले लिपिक मनोज कुमार की कार्यशैली पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में सीडीओ एम. अरुन्मोलि, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. शालू महेश, डीपीआरओ लालजी दूबे आदि मौजूद रहे।