गोंडा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के देवीपाटन मंडल मुख्यालय सभागार में शनिवार को जनप्रतिनिधियों ने लो वोल्टेज, जर्जर तारों, ओवरलोडिंग, बिजली ट्रिप होने, मैनपॉवर की कमी, रिस्पांस टाइम और अवैध वसूली के साथ ही जेई, एसडीओ और एक्सईएन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उनके क्षेत्र में पावर कॉर्पोरेशन की ओर से काम कराया जाता है लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी जाती है।
विद्युतकर्मियों के साथ बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह मंजू, तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय, कटराबाजार विधायक बावन सिंह, गौरा विधायक प्रभात वर्मा समेत सांसद के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जेई से लेकर एक्सईएन तक बिजली के काम में उन्हें तवज्जो नहीं देते हैं और न ही उनकी शिकायतों में निस्तारण की स्थिति की जानकारी मिल पाती है। कार्यदायी संस्था बीच में ही बिना काम पूरा किए गायब हो गई है। एक-एक सप्ताह तक बिजली दुरुस्त नहीं हो पा रही है। बिना तार के खंभे खड़े किए गए हैं। मीटर रीडिंग नहीं हो पा रही है। विजिलेंस की टीम कार्रवाई के बजाय आम नागरिकों को फोन कर धन उगाही करने में लगी हुई है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अगर बिजली विभाग का कर्मचारी उनके संपर्क में रहता है तो वह उसकी मदद ही करते हैं।
बैठक में अधीक्षण अभियंता राम नरेश सरोज ने कहा कि उनके समय में जनप्रतिनिधियों की ओर से आई शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कराया गया है। उन्होंने कहा कि आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत व्यवस्था सुधारने की कवायदें चल रही है।
जनप्रतिनिधियों की जिला स्तरीय बैठक में सात विधायकों में से तीन ही शामिल रहे। जबकि सदर, करनैलगंज, मेहनौन और मनकापुर विधायक के प्रतिनिधि ही शामिल हुए। इतना ही नहीं सांसद भी बैठक में नहीं पहुंचे। उनके प्रतिनिधि ही शामिल हुए।
मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल का कहना है कि जेई, एसडीओ और एक्सईएन की लापरवाही पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाई गई हर समस्या का समाधान तत्काल किया जाए। लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मर में बार-बार दिक्कतों, जर्जर लाइनों और बिजली ट्रिप होने जैसी आम जनता से जुड़ी समस्याओं का तीन दिन में सर्वे कर रिपोर्ट मंगाई है। कार्यशाला से ट्रांसफार्मर समेत जरूरी उपकरण मुहैया कराया जाएगा। मीटर रीडिंग और कनेक्शन देने में देरी पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। सात दिन के बजाय तीन दिन में नए उपभोक्ता को कनेक्शन देने का निर्देश दिया गया है।