गोंडा में मनकापुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोहांस के बरामदे की ढही छत। -संवाद
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गोंडा। आफत बनी बारिश का असर अब परिषदीय स्कूलों के भवनों में भी दिखने लगा है। लगातार जारी बारिश की चपेट में आने से मनकापुर के सोहांस स्थित एक जूनियर हाईस्कूल की छत शनिवार सुबह ढह गई। गनीमत रही कि विद्यालय बंद होने के कारण कोई बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं लगातार जारी बरसात की चपेट में आने से जिले के सौ से अधिक विद्यालय भवनों में दरार पड़ चुकी है जबकि कई विद्यालय परिसर में पानी भरा है। इसके दृष्टिगत ही सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पूरी सतर्कता बरतने को कहा है।
जिले में 966 स्कूल ऐसे हैं जहां बाउंड्री नहीं है। इससे वहां पर भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मनकापुर के जूनियर हाईस्कूल सोहांस के बरामदे की छत शनिवार सुबह अचानक ढह गई। जिस बरामदे की छह ढही है वहां भी बच्चे बैठकर पढ़ाई करते थे। जिला प्रशासन द्वारा बारिश के प्रकोप के कारण विद्यालयों में घोषित किए गए अवकाश से छत ढहने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वहीं, बरसात थमने के बाद इनकी मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर शुरू कराया जाएगा।
बता दें कि ब्लॉक के 220 कंपोजिट विद्यालयों में 32 विद्यालय जर्जर हैं। बेलसर डीहा का प्राथमिक विद्यालय भवन भी काफी खस्ताहाल स्थिति में है। 1950 में बने इस विद्यालय का नाम जर्जर विद्यालयों की तैयार सूची में भी शामिल किया जा चुका है। प्रधानाध्यापिका शब्बो बेगम ने बताया कि बारिश के दौरान पानी टपकने से लाइब्रेरी में रखी हुई किताबें और एमडीएम बनाने का अनाज भी खराब हो रहा है।
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि जर्जर स्कूल भवनों की सूची मांगी गई है। ऐसे स्कूल भवनों में बच्चों को बैठाने से रोकने के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को व्यवस्था बनाने का निर्देश भी दिया गया है।