नवाबगंज के माझा क्षेत्र में उफान पर सरयू नदी। - संवाद
गोंडा। बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी सरयू में 3.11 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पहले छोड़े गए पानी से जलस्तर बढ़ा है और नदी खतरे के निशान को पार करने की ओर बढ़ रही है।
सरयू का जलस्तर बुधवार को बढ़ा है और अब नदी खतरे के निशान से महज 81 सेंटीमीटर दूर बची है। करनैलगंज में नदी तटबंध की ओर बढ़ रही है। बांसगांव के पास नदी की नई धारा बनने से वह तटबंध से सटकर बह रही है। बाढ़ कार्य खंड विभाग के अधिकारियों का दावा है कि तटबंध पर अभी कोई खतरा नहीं है। बचाव के बनाए गए स्पर सुरक्षित हैं, लगातार तटबंध की निगरानी की जा रही है।
चंदापुर किटौली के पास भी नदी तटबंध के आसपास पहुंच चुकी है। वहीं ऐली के विशुनपुरवा के पास भी नदी काफी रफ्तार में हैं। इन स्थानों पर तटबंध की संवेदनशीलता बनी हुई है। जिसकी निगरानी के साथ ही जरूरी कार्य भी विभाग करा रहा है। वहीं, तटबंधों के बाद नदी के पानी का फैलाव गांवों में बढ़ रहा है। इससे जैतपुर माझा, तुलसीपुर माझा, दुर्गागंज माझा, ब्यौंदा उपरहर, परास, जबरनगर, गढ़ी आदि गांवों में जलभराव की समस्या बढ़ रही है। फिलहाल अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है, राजस्वकर्मियों के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी कहते हैं कि प्रशासन सतर्क है। हर पल की स्थिति की रिपोर्ट ली जा रही है।