गोंडा। बैराजों से छोड़े गए पानी से सरयू नदी ने खतरे के निशान को एक बार फिर पार कर लिया है। अभी भी जलस्तर में बढ़त जारी है। सोमवार को सरयू का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान को पार करके 106.07 पर पहुंच गया। फिलहाल अभी बाढ़ जैसी स्थिति तो नहीं है। मगर तटबंध पर खतरा बढ़ गया है, जिसे सुरक्षित करने के लिए अधिकारी सतर्क हो गए हैं।
लगातार खराब मौसम व नेपाल की पहाड़ियों सहित सरयू की सहायक नदियों करनाली, महाकाली व बबई के कैचमेंट वाले इलाकों में हो रही बरसात के चलते शारदा, गिरजा व सरयू बैराजों का डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है। सरयू नदी में उफान जारी है। ऐसे में एल्ग्रिन चरसड़ी तटबंध को नदी की धारा चोट दे रही है।
बारिश के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों से आए पानी से एक बार फिर नदी में उफान है। एल्ग्रिन चरसड़ी तटबंध से सटे गांवों के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों पर पर्याप्त व्यवस्था की गई है। डीएम ने करनैलगंज व तरबगंज के अधिकारियों को लगातार संभावित क्षेत्रों पर निगरानी के निर्देश दिए हैं।
वहीं बाढ़ कार्य खंड की ओर से तटबंध की सुरक्षा का कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 106.046 दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष लगभग तीन सेंटीमीटर कम था। शाम होते-होते नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। तो वहीं सरयू से जुड़े गिरजा, शारदा व सरयू बैराजों का कुल डिस्चार्ज दो लाख 99 हजार 642 क्यूसेक दर्ज किया गया। बांध पर तैनात बाढ़ खंड के एई अमरेश सिंह ने बताया कि अभी घबराने वाली कोई बात नहीं है। बांध की निगरानी की रही है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर घटने-बढ़ने से बांध पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
तरबगंज के ऐली-परसौली तटबंध के पास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सोमवार को डीएम डॉ. उज्ज्वल कुुमार ने तटबंध का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ खंड व आपदा प्रबंधन सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को बाढ़ से संबंधित सभी तैयारियां सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एडीएम को निर्देश दिए कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के साथ ही स्टाफ की तैनाती तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारी कर लें। इस दौरान एडीएम सुरेश कुमार सोनी, एसडीएम शत्रोहन पाठक आदि अधिकारी मौजूद रहे।