गोंडा। सरयू नदी खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे पहुंचकर स्थिर हो गई है। इसके साथ ही गांवों में पानी का फैलाव और कटान तेज हो गया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। 32 गांवों में अभी भी जलभराव से दिक्कत है। संक्रामक रोग बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रशासन ने गांवों में सक्रिय किया है। डीएम नेहा शर्मा ने अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम बहुवन मदार माझा के पास नदी लगातार कटान कर रही है। खेतों में कटान और नदी को बांध तक पहुंचने से रोकने का प्रयास तेजी से चल रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी कटान रोकने में जुटे हैं। इसके बावजूद शनिवार को करीब 10 मीटर की परिधि में नदी ने खेतों का कटान किया। करीब एक किलोमीटर से भी अधिक लंबाई और 10 मीटर की चौड़ाई में नदी ने कटान किया। इससे सैकड़ों बीघे जमीन नदी में समाहित हुई। हालांकि, जिस स्थान पर बांध को खतरा बना हुआ है, वहां नदी को रोकने के लिए सुरक्षा घेरा फिर बनाया गया है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि अब जलस्तर बढ़ने की संभावना नहीं है। फिर भी मौजूदा समय में जो पानी का डिस्चार्ज हो रहा है उससे कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है।