गोंडा। संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले मामलों की जांच में नई व्यवस्था हुई है। सदर तहसील में जनशिकायतों की सुनवाई के दौरान शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने निस्तारण में गुणवत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निस्तारण के दौरान शिकायत करता को बुलाया जाए और उसके सामने मामले की जांच हो। जांच के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाए और उसे रिकॉर्ड में रखा जाए। तहसील सदर में डीएम के साथ एसपी आकाश तोमर ने भी शिकायतें सुनीं। तहसील सदर में 123 प्रार्थना पत्र मिले। तीन मामलों का निस्तारण मौके पर ही डीएम ने कर दिया।
शिकायतों में अवैध कब्जे और राजस्व विवाद के ज्यादातर मामले होने पर डीएम ने निर्देश दिया कि अवैध अतिक्रमण के मामले में पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर निस्तारित कराना सुनिश्चित करें।
दोबारा कब्जा न हो, ऐसा करें निस्तारण
उन्होंने कहा कि तालाब, जमीन की पैमाइश, अवैध कब्जा, चकरोड, नाली, अवैध अतिक्रमण के मामलों का निस्तारण इस तरह हो कि दोबार कब्जा न होने पाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि समाधान दिवस में प्राप्त हुए शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर पूरी गुणवत्ता के साथ करें,अन्यथा संबंधित विभाग के अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, उपजिलाधिकारी सदर कुलदीप सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर शिल्पा वर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रशेखर, उपनिदेशक कृषि प्रेम ठाकुर, जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र गौतम अधिकारी रहे।