गोंडा। शरीर को सेहतमंद रखने में खानपान का योगदान बेहद खास होता है। असुरक्षित खानपान से कई बीमारियों का खतरा बढ़ने के साथ ही फूड प्वाइंजिंग से मौत भी हो सकती है। सालभर में दूषित खाद्य पदार्थ का सेवन करने से करीब 82 लोगों की जान जा चुकी है। खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता के लिए हर साल सात मार्च को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से जनवरी से मई तक अभियान चलाकर दूध पनीर खाद्य तेल मिठाई, व अन्य खाद्य पदार्थों के 170 नमूने लिए गए, जिसमें 107 नमूने फेल हो गए। मिलावटखोरों से करीब 30 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय में हर रोज खानपान में बेपरवाही से बीमार पड़े लोग इलाज कराने आ रहे हैं। इमेरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉ. दीपक सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में खानपान में असावधानी जानलेवा हो सकती है। बुधवार को जिले भर में खाद्य मानक जीवन बचाते हैं थीम पर विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा। जिसके तहत विभिन्न बाजारों मे जागरुकता गोष्ठी आयोजित होगी। रैली निकालकर खाद्य सुरक्षा का संकल्प लिया जाएगा। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि दूषित भोजन व पानी का दुष्प्रभाव जन जन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।