गोंडा। जिले में बारिश व बाढ़ से 80 सड़कों की सूरत ही बिगड़ गई है। शहर व ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे ही नजर आ रहे हैं। इन सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग कार्ययोजना बना रहा है। इसके लिए अवर अभियंताओं से सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इन सड़कों की मरम्मत पर चार करोड़ से अधिक रुपये के खर्च का अनुमान है।
जिला मुख्यालय समेत तहसील क्षेत्रों की तमाम सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। बारिश के दिनों में सड़कों पर जलभराव होने से अधिकांश सड़कें टूट जाती हैं। इन सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं रहता। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं से मुख्यालय व ग्रामीण अंचलों की सड़कों का सर्वे कराया गया है।
विभागीय आंकड़े के मुताबिक करीब 80 सड़कें मरम्मत योग्य हैं। क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची व अनुमानित खर्च का ब्योरा शासन को भेजा जा रहा है। इस पर करीब चार करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का अनुमान है। शासन से बजट स्वीकृत होते ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सड़कों के निर्माण व मरम्मत पर काफी धनराशि खर्च की जाती है, लेकिन गुणवत्ता में कमी से यह समय से पहले टूट जातीं हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
प्रमुख सड़कों पर एक नजर
- गोंडा-लखनऊ फोरलेन मार्ग पर शहर समेत कई स्थानों पर गड्ढे हैं।
- गोंडा-अयोध्या मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है।
- गोंडा-उतरौला मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क जर्जर है।
- गोंडा से बहराइच जाने वाली सड़क भी मरम्मत योग्य है।
- दर्जीकुआं से मनकापुर जाने वाली सड़क भी खस्ता है।
- विजय नगर से मंगुरा बाजार जाने वाली सड़क गड्ढायुक्त है।
- करनैलगंज के कटरा शहबाजपुर से शाहपुर जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त है।
बजट मिलने पर कराएंगे काम
जर्जर व क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कराया गया है। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। पीके त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता लोनिवि. प्रांतीय खंड