गोंडा। शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अयोध्या-गोंडा-लखनऊ बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की कवायद शुरू कर दी गई है। बाईपास बनने से शहर के लोगों को आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित बाईपास पर 178 करोड़ की लागत आएगी।
मंगलवार बजट स्वीकृति को मिली संस्तुति के बाद बाईपास निर्माण के लिए सर्वे कार्य भी शुरू हो गया है। सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण रूट पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रस्तावित बाईपास जिले के 40 गांवों से गुजरते हुए लखनऊ मार्ग को सीधे अयोध्या मार्ग से जोड़ेगा। योजना के पहले चरण में बाईपास का निर्माण एक ही तरफ होगा। इसके निर्माण पर करीब 178 करोड़ के खर्च का अनुमान है।
शहर में हर दिन बाहरी जिलों से आने वाले करीब दो हजार वाहनों का दबाव कम होने से शहर में जाम की परेशानी कम होगी। 20 किमी लंबे बाईपास निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने नक्शा भी तैयार कर लिया है। नक्शे के अनुमोदन के बाद जिला प्रशासन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू करेगा।
बाईपास गोंडा-लखनऊ मार्ग पर बालपुर स्थित टेढ़ी नदी के पास से होते हुए यह बाईपास कटहाघाट-डेहरास मार्ग से जुड़कर तिवारीबाजार, फिर गोंडा-अयोध्या हाईवे स्थित पराग डेयरी के पास मिलेगा। प्रस्तावित नक्शा लोक निर्माण विभाग ने तैयार किया है।
हर जाम से घंटों परेशान हो रहे लोग
शहर के स्टेशन रोड, आंबेडकर चौराहा, गुरुनानक चौक, महिला अस्पताल, गुड्डूमल चौराहा चौक बाजार, बड़गांव पुलिस चौकी, फातिमा स्कूल रोडवेज बस स्टेशन समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक जाम हर दिन की परेशानी बना है। इसमें फंस कर शहरवासियों को घंटों परेशान होना पड़ता है। जाम की इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए प्रशासन कई बार एक्शन प्लान तैयार कर चुका है लेकिन वाहनों के बढ़ते बोझ से सभी प्रयास विफल साबित होते हैं। बाईपास के निर्माण से शहर के अंदर जब वाहनों का बोझ कम होगा तो जाम की परेशानी से भी प्रभावी स्तर पर राहत मिल सकेगी।
शहर के लोगों को ट्रैफिक जाम की परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए बाईपास मार्ग का निर्माण बेहद जरूरी है। इसके निर्माण से शहर में होने वाले जाम की समस्या से छुटकारे के साथ आवागमन की सुविधा को भी बेहतर और सुलभ बनाया जा सकेगा। बाईपास निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने के साथ ही भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
- डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी