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डूबने से बच्चे की मौत, उतराता मिला युवक का शव

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फोटो-23-गोंडा में करनैलगंज के नकहरा गांव में भरा बाढ़ का पानी। -संवाद - फोटो : GONDA
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करनैलगंज/ नवाबगंज (गोंडा)। बाढ़ के पानी में डूबने से बीते 24 घंटे में एक दस वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक का शव गांव से कुछ दूरी पर पानी में उतराता मिला। थाना क्षेत्र के सेमरा शेखपुर निवासी कृष्णा पांडेय का पुत्र आशीष बीती रात घर के पास बाढ़ के पानी में पैर फिसलने ने डूबने लगा। घर वाले नाव के सहारे बेहोशी की हालत में सीएचसी पर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दत्तनगर गांव के पास सड़क पर तेज बहाव में बुधवार को डूबे सरावां गांव निवासी बाबादीन का शव शुक्रवार को गांव से थोड़ी दूरी पर पानी में उतराता मिला।
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दूसरी तरफ नदी का जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे जिले के चार सौ गांवों में जनजीवन अस्त व्यस्त बना है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब प्रभावित इलाकों में संक्रामक रोग का प्रकोप तेजी से फैलने लगा है। इसके चलते ही करीब पांच हजार लोग सर्दी बुखार व गैस्ट्रो डायरिया की बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित करनैलगंज व तरबगंज क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान सरयू के जलस्तर में आई आधा मीटर से अधिक गिरावट के बाद भी नदी खतरे के लाल निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव से हो रही कटान की चपेट में आकर कई जगह मुख्य से लेकर संपर्क मार्ग तक कट जाने प्रभावित इलाकों में लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।
करनैलगंज से शाहपुर मार्ग पर ग्राम कचनापुर के पास रोड पर करीब पांच फीट से अधिक पानी भरा होने के कारण किसी भी तरह के हादसे को रोकने के लिए मौके पर पुलिस तैनात कर यातायात बंद कर दिया गया है। ग्राम नकहरा, कुर्था, सकरौरा ग्रामीण, नारायन पुर मांझा, बसेहिया, कचनापुर, झिंगही तथा नारायन पुर मांझा के मजरा में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यहां अभी भी अधिकांश घर 8 से 10 फीट पानी में डूबे पड़े हैं।
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एसडीएम हीरालाल ने बताया करनैलगंज तहसील के आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के 40 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद के साथ राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है। तरबगंज के नवाबगंज में सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है लेकिन माझा वासियों की समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ने लगी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीते कई दिनों से ठप बिजली व पेयजल की सप्लाई ने पीड़ितों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है।
बारह फाटक बांध टूटने से बाढ़ का कहर तेज
नदी का पानी घटने के बाद भी बाढ़ की त्रासदी से जूझ तरबगंज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावितों की मुसीबत थमने का नाम नहीं ले रही। सरयू नदी के बढ़े जलस्तर व दबाव से बारह फाटक बांध के कई गेट टूट गए हैं। इसके बाद पूरे इलाके में बाढ़ का कहर और तेज होने की आशंका से लोग डरे सहमे हैं। चंदसुहा स्थित बंधा पर बारह फाटक के टूटने के बाद घांचा बीकापुर, पुरैनी, रांगी, नकहरा, गोपसराय, शीशव, टकटोना, खोजनपुर, धौरहरा घाट सहित कई गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए है। तहसीलदार पुष्कर मिश्रा ने बताया कि बारह फाटक के खुलने से कई गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं। इससे प्रभावित लोगों को प्रशासन हर संभव मदद मुहैया कराने में जुटा है।
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