गोंडा। तरबगंज थाना क्षेत्र में पकड़ी दूबेपुरवा के पास सोमवार को दिनदहाड़े गोली मारकर दलित किसान रमेश के हत्या के मामले में आरोपी सेवानिवृत्त फौजी अरुण सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि पुलिस ने सोमवार शाम ही आरोपी अरुण सिंह को हिरासत में ले लिया था। उमरी बेगमगंज के ताराडीह गांव निवासी रमेश का सेवानिवृत्त फौजी से भूमि विवाद था। हत्या के बाद मामले में अरुण सिंह (सेवानिवृत फौजी) निवासी ताराडीह को पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया था। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह मौके से भागा भी नहीं था। पुलिस के मुताबिक मृतक रमेश के पिता प्रहलाद की तहरीर पर हत्या, एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक दो साल पहले आबादी की भूमि से रास्ता लेने के विवाद में रमेश व उसके परिजनों ने सेवानिवृत्त फौजी अरुण सिंह पर हमला किया था। जिसमें उसके पैर फ्रैक्चर हो गए थे। जिसे लेकर अरुण सिंह ने केस दर्ज कराया था। मगर भूमि विवाद का मामला खत्म नहीं हुआ। करीब दो साल बाद सोमवार को रिटायर्ड फौजी अरुण सिंह ने गोली मारकर रमेश की हत्या कर दी।
रमेश का शव पोस्टमार्टम के बाद ताराडीह गांव स्थित उनके घर पहुंच गया। तरबगंज व उमरीबेगमगंज थाने की फोर्स गांव में लगाई गई है। एएसपी राधेश्याम राय गांव की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पूरे दिन कवायद हुई कि अंतिम संस्कार हो जाए, लेकिन मृतक के करीबी रिश्तेदार नहीं आ सके। इससे अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने बुधवार को अंतिम संस्कार करने को कहा है। गांव में सतर्कता बरती जा रही है।