गोंडा। मुजेहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात की मौत और होंठ के कुतरे होने के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट दम घुटने से हुई मौत ने जांच टीम को उलझा दिया है। दो एफआईआर दर्ज होने से पूरा मामले में नया मोड़ आ गया है। नवजात की मौत कैसे हुई और होंठ कैसे कुतरा गया, इसका राज सीएमओ की रिपोर्ट खोलेगी। माना जा रहा है कि जन्म के समय बच्चे की स्थिति क्या थी, इसे लेकर कोई भी संतोषजनक बात नहीं कर रहा है। दूसरी ओर इस मामले में एक पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज कराकर सीएचसी कर्मियों ने मामले को मोड़ने की कोशिश भी की है।
नवजात के जन्म पर सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा का कहना है कि बच्चे का जन्म प्री म्योचोर हुआ था। वह सात माह का था, और पेट में गंदा पानी व मल बच्चे के फेफड़े और मुंह में जा चुका था। जन्म के समय बिल्कुल मरणासन्न था, बस मानवता के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने एक प्रयास किया कि शायद बचाया जा सके। उसे वार्मर पर बच्चे को रखा गया। मगर 10 से 15 मिनट बाद मृत घोषित कर प्रसूता की जेठानी को सौंप दिया गया।
सीएमओ ने माना कि रात अधिक होने से परिजनों ने थोड़ी देर बाद जाने की बात कही तो वार्मर पर रखने को कह दिया गया। तभी परिजनों में किसी का मोबाइल बाथरूम में गिर गया, जिसे लेकर कुछ हंगामा हुआ। फिर परिवार के लोग बच्चे को लेकर घर चले गए। अचानक रविवार सुबह लोग फिर से बच्चे को लेकर आ गए। इसके बाद बच्चे के होंठ पर कुतरा होने की बात कहने लगे। पुलिस को बुलाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अब जो भी स्थिति है उसकी रिपोर्ट भेजी गई है। सीएमओ की रिपोर्ट से दिख रहा है कि बच्चा जीवित पैदा हुआ या मृत था, इसे लेकर अभी भी विभाग स्पष्ट नहीं है। लगातार नई बातें भी निकल कर आ रहीं हैं।
मृत बच्चे के मामा हारून की ओर से दी तहरीर पर पुलिस ने सीएचसी स्टाफ पर केस दर्ज कर लिया है। सीएचसी अधीक्षक के साथ पूरे कर्मचारियों ने थाने पहुंच कर एक पत्रकार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराने का मामला भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि मूल विवाद से ध्यान हटाने के लिए और मामले की दूसरी दिशा की ओर मोड़ने के लिए दांवपेंच हो रहे हैं।