गोंडा। जिला महिला अस्पताल में तीन दिन बाद सिजेरियन प्रसव शुरू होने से गर्भवतियों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार रात नौ बजे से दो बजे तक 10 गर्भवतियों का ऑपरेशन किया गया।
जिला महिला अस्पताल के बेहोशी के डॉक्टर कुमार ज्ञानम विगत तीन अक्तूबर से बिना सूचना के ड्यूटी से नदारद हैं। इससे तीन दिन में 47 गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराना पड़ा। शुक्रवार रात नौ बजे पैनल में नामित डॉ. अनिल तिवारी के सहयोग से ऑपरेशन शुरू हुआ। देर रात दो बजे तक दस गर्भवतियों का ऑपरेशन हुआ। शनिवार को भी निश्चेतक डॉ. अनिल तिवारी के सहयोग से ऑपरेशन हुए। इससे गर्भवती महिलाओं व उनके तीमारदारों ने राहत की सांस ली। पैनल के अन्य चिकित्सकों से भी ऑपरेशन में सहयोग करने की अपील की गई है। इमरजेंसी में ऑपरेशन के लिए डॉ. अनिल तिवारी के अलावा डॉ. अनूप सैनी, डॉ. वीपी सिंह व डॉ. नितिन गुप्ता को ऑन कॉल के लिए नामित किया गया है।