गोंडा। कोरोना संक्रमण काल सहित पिछले पांच साल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई दवा व मेडिकल उपकरणों की खरीद-फरोख्त की जांच तेज हो गई है। मामले की जांच कर रहे अयोध्या के एसपी विजिलेंस ने बहराइच के पयागपुर से पूर्व सपा विधायक मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ चल रही खुली जांच संबंधी सूचना व कई रिकॉर्ड तलब किए हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 तथा 2021-22 से संबंधित रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा को पत्र लिखा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम संबंधी पत्रावली सहित अन्य रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं।
सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा को नोडल बनाते हुए वरिष्ठ लिपिक कलाम खान के सहयोग से सभी पत्रावली एक सप्ताह के भीतर तैयार कर जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2017 से लेकर 2022 तक खरीदी गई दवाओं व मेडिकल उपकरणों के सरकारी दर व खरीद दर में अंतर मिला था। अधिकारियों व आपूर्तिकर्ता फर्म संचालकों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घपला किए जाने का आरोप लगा था।
घोटाले को लेकर जिले में तैनात रहे कई पूर्व सीएमओ के कार्यकाल की जांच हो रही है। आपूर्ति करने वाली फर्मों के संचालकों की कुंडली पूर्व में ही तलब की जा चुकी है। इसमें पूर्व सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, डॉ. राकेश अग्रवाल, डॉ. उमेश यादव, डॉ. आभा अशुतोष, डॉ. संतोष श्रीवास्तव व डॉ. मधु गैरोला का कार्यकाल शामिल है।
वहीं, जांच टीम ने पहली अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2018 के मध्य राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, पूजा श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, सविता श्रीवास्तव के नाम से पंजीकृत फर्म को आवंटित कामों का विवरण जुटा लिया है। यही नहीं राशि इंटरप्राइजेज बलरामपुर, आरपी कांस्ट्रक्शन, लखनऊ मेडिकल एजेंसी, इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स, यूपी सर्जिकल ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स आदि कंपनियों को आवंटित कामों का विवरण तथा फर्म के मालिक का नाम का विवरण पहले ही तलब किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि दवा व मेडिकल उपकरणों की खरीद-फरोख्त संबंधी जांच लंबे समय से चल रही है। जांच अधिकारी की ओर से जो जानकारी व अभिलेख मांगे जा रहे हैं, वह समय पर उपलब्ध कराए जाते हैं। हमारे कार्यकाल के पहले की जांच है।