गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में बालिका से दुष्कर्म के मामले में सोमवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। दुष्कर्मी को 10 साल के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर के रहने वाले एक व्यक्ति ने 24 सितंबर 2018 को नगर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी 15 साल की नातिन सुबह सात बजे वाहन से सरस्वती विद्या मंदिर गई थी। साढ़े नौ बजे प्रधानाचार्य का फोन आया कि वह स्कूल नहीं आई है। संदेह के आधार पर एक नंबर पर फोन किया गया मगर कोई जवाब नहीं मिला। 15 दिन पहले इसी नंबर से धमकी भरा फोन आया था। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और अपहरण, दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के साक्ष्य मिलने पर प्रकाश में आए आरोपी रामकुमार उर्फ बलवंत के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान किशोरी से दुष्कर्म का सबूत मिलने पर न्यायालय ने अभियुक्त रामकुमार को दोषी करार दिया।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) मोहम्मद नियाज अहमद अंसारी ने रामकुमार को 10 साल कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता अथवा उसके विधिक प्रतिनिधि को दी जाएगी।