गोंडा जिले के पंडरीकृपाल ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। शिक्षिका का आरोप है कि एआरपी शाश्वत सावरकर सिंह ने उसका तबादला उनके गृह जनपद में करा देने की बात कही। अधिकारियों को रिश्तेदार बताया और बहन को समीक्षा अधिकारी बताकर कहा कि साढ़े तीन लाख रुपये खर्च होंगे और तबादला हो जाएगा। इसके बाद वह एक दिन बहन से मिलवाने के बहाने लखनऊ ले गया। जहां उसे एक फ्लैट में ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिलाकर पिला दिया। जिससे वह बेहोश हो गई, इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी एआरपी को निलंबित कर दिया गया है।
दुष्कर्म का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए कहा कि किसी को कुछ बताया तो जिंदगी बर्बाद कर दूंगा। इसके बाद वह आए दिन परेशान करने लगा। यही नहीं दबाव बनाकर उसने पति से अलग रहने को विवश कर दिया। अलग कमरा दिलवाकर रहने को कहा और धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं करोगी तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की और उसका मोबाइल, एटीएम जेवरात तक छीन लिया। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद नगर कोतवाली में पुलिस ने दुष्कर्म के साथ ही मारपीट, लूट करने और धमकी देने की एफआईआर दर्ज कर ली है। नगर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि पीड़िता शिक्षिका की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
स्कूल में सपोर्टिव सुपरविजन के बहाने शिक्षिका के आया करीब
ब्लॉकों में स्कूलों में शैक्षिक सपोर्ट के लिए शिक्षकों को ही एआरपी नियुक्त किया गया है। शिक्षिका का कहना है कि एआरपी होने के कारण शाश्वस्त सावरकर सिंह स्कूल आते थे। वह स्कूल की प्रधानाध्यापिका भी हैं, ऐसे में पठन-पाठन और कई तरह के प्रशिक्षण आदि के बारे में वार्ता फोन से होने लगी। गैर जिला स्थानांतरण कराने की बात कही, इसी बहाने उसने अपने जाल में फंसा लिया।
नगर कोतवाल पंकज सिंह का कहना है कि शिक्षिका की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।