गोंडा। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) डॉ. दीनानाथ तृतीय ने चार साल पहले हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच आरोपियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि परसपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर कहा कि 9 मई 2018 की रात दो बजे उसकी पुत्री छत पर सो रही थी, तभी एक गांव के रहने वाले पांच लोग घर पर आए और मुंह दबाकर उसकी पुत्री को छत से नीचे उतार लिया। इसके बाद सभी ने घर के दरवाजे पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की, और पांचों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बुधवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) ने सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में पांच अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास व 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय के आदेशानुसार अधिरोपित जुर्माने की कुल धनराशि पीड़िता को अदा की जाएगी। संवाद