गोंडा। नशीला पदार्थ पिलाकर शिक्षिका से दुष्कर्म, मारपीट कर एटीएम, मोबाइल व जेवर छीनने, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक शोषण करने के आरोपी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की अग्रिम जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। न्यायालय से राहत न मिलने पर अब आरोपी को जेल जाना ही होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि एक प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि पंडरी कृपाल शिक्षा क्षेत्र के एआरपी शाश्वत सावरकर सिंह सुपरविजन के बहाने उसके विद्यालय आते थे और फोन पर बातचीत भी करते थे। इसी बीच स्थानांतरण कराने के लिए शिक्षिका से तीन लाख 50 हजार रुपये की व्यवस्था करा ली और मार्च 2022 में उसे लखनऊ ले गए। वहां कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया। वह बेहोश हो गई तो उसके साथ दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया। उसके पैसे, एटीएम कार्ड, मोबाइल व जेवर भी शाश्वत ने छीन लिए। फिर अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक व मानसिक शोषण किया।
एसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने 17 सितंबर 2022 को केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, साक्ष्य और अपराध की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोपी एआरपी शाश्वत सावरकर सिंह का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।