गोंडा रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण करते पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम। -संवाद
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गोंडा। आगामी एक वर्ष में गोंडा रेलवे स्टेशन व यार्ड का स्वरूप बदल जाएगा। कोशिश रहेगी कि हवाई अड्डे पर मिलने वाली सुविधाएं इसी स्टेशन पर यात्रियों को मिलें। इस स्टेशन से अधिक से अधिक ट्रेनों का संचालन नियमित करना प्राथमिकता रहेगी। गोंडा से लखनऊ के बीच पैसेंजर ट्रेन चलाए जाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेज दिया गया है। यह बातें पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार ने मंगलवार को गोंडा रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कही।
लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार मंगलवार सुबह मथुरा-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन से गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचे। सीधे रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम पैनल (आरआरआई) दफ्तर में पहुंचकर ट्रेनों के आवागमन के बारे में क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार से जानकारी ली। इसके बाद यार्ड में स्थित ओवरहालिंग डिपो (आरओएच) व लोको शेड में एक-एक सेक्शन में बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने खामियों को जल्द से जल्द दूर करने का निर्देश दिया।
डीआरएम ने बताया कि अगले एक वर्ष के भीतर गोंडा रेलवे स्टेशन व यार्ड का स्वरूप बदलकर हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां पर यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की जाएगी। इस स्टेशन से अधिक से अधिक ट्रेनों का संचालन कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ मंडल दूर संचार अधिकारी एसडी. पाठक, वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र पाल सिंह, केएल यादव मौजूद रहे।
गोंडा से प्रयागराज तक चलाएं ट्रेन
पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्रीय परामर्शदात्री सदस्य पंकज कुमार श्रीवास्तव ने यात्रियों की समस्याओं को लेकर 11 सूत्री ज्ञापन डीआरएम को सौंपा। जिसमें गोंडा से सीधे प्रयागराज के लिए ट्रेन चलाए जाने, गोरखपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन का जरवल रोड व बुढ़वल स्टेशन पर ठहराव करने, रेलवे में खाली भूमि को कामर्शियल बनाने, गोंडा कचहरी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी करने की मांग है। वहीं, एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय संगठन मंत्री राम नगीना के नेतृत्व में मंडल रेल प्रबंधक का स्वागत किया गया। इस दौरान विनोद श्रीवास्तव, राम सिंह व रक्षाराम यादव मौजूद रहे।