गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने को लेकर गंभीर हों, लेकिन यहां पीडब्ल्यूडी शिथिल है। आदेश के पांच दिन बीतने के बाद भी सड़कों को गड्ढामुक्त करने व उनकी मरम्मत की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। लोग हिचकोले खाते हुए आवागमन करने को विवश हैं। ऐसे में 10 अक्तूबर तक कैसे सड़कें गड्डढामुक्त हो सकेंगी, यह बड़ा सवाल है।
परसपुर संवाद के अनुसार भौरीगंज से ग्राम पूरे दौलत गोरछान पुरवा जाने वाला मार्ग काफी दिनों से क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग से सैकड़ों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता है। विद्यालय आने जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी आवागमन में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।इस मार्ग पर पैदल चलना भी दुश्वार हो रहा है। तमाम लोग इस मार्ग पर गिरकर चोटिल व जख्मी हो चुके हैं।
गांव निवासी राजेश सिंह, रामपाल सिंह, हरीश सिंह, आरबी सिंह, भुल्लर, माताराम व राकेश सिंह ने जिला प्रशासन से इस मार्ग को तत्काल बनवाने की मांग की है। पीडब्ल्यूडी खंड-दो के अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी ने बताया कि बारिश की वजह से मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया। बारिश थमने के बाद गड्ढों को भराने का कार्य शुरू होगा।
मसकनवा संवाद के अनुसार छपिया ब्लॉक क्षेत्र के बखरौली से महमूदपुर, हरसिंहपुर, गड़हा गांव तक जाने वाले संपर्क मार्ग पर गड्ढे हैं। यही नहीं, नाले पर बनी पुलिया की टूटी दीवार दुर्घटना को दावत दे रही है। इसी संपर्क मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या लोगों का छपिया थाने से बखरौली प्रधानमंत्री मार्ग से महमूदपुर, हरसिंहपुर, गड़हा होते हुए हलुआ, माड़ा, मवई सहित अन्य गांवों में आवागमन करते हैं। क्षेत्र के दयाशंकर पांडेय, विनय पांडेय, इंद्रमणि, राजेश, सतेंद्र पांडेय, अजय कुमार,धर्मेंद्र चतुर्वेदी, लवकुश, गजेंद्र, नकुल आदि ने सड़क और पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है।
इस मामले में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बारिश ने प्रभाव डाला है। पहले ही जर्जर सड़कों का सर्वे कराया गया था। जल्द ही अभियान का असर दिखने लगेगा।